मैथ्स में कैसे पाएं अधिक मार्क्स

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मैथ्स यानी गणित हमेशा से ही अधिकतर छात्रों को एक मुश्किल सब्जेक्ट लगता रहा है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि मुश्किल होने के साथ ही यह आपके लिए स्कोरिंग सब्जेक्ट भी बन सकता है। इसके लिए बस आपको थोड़ा फोक्सड होकर पढ़ने की आवश्यकता है।

जो छात्र इस विषय को नियमित समय देते हैं वह आसानी से मैथ्स में स्कोर कर पाते हैं। यदि योजनाबद्ध तरीके से तैयारी की जाए तो सभी छात्र इस विषय में बेहतर अंक अर्जित कर सकते हैं। ये विषय भविष्य में छात्रों के जीवन को आसान बनाने का कार्य भी करता है। इस विषय में रुचि लेने से छात्र आने वाले जीवन की कई समस्याओं को चुटकियों में हल कर सकते हैं। आइए जानते हैं वो उपाय जिनकी मदद से छात्र मैथ्स में बेहतर स्कोर पा सकते हैं।   

मैथ्स से घबराएं नहीं
मैथ्स में स्कोर करने का सबसे पहला आसान उपाय ये है कि आप इस सब्जेक्ट से डरे नहीं। इसे भी आप अन्य सब्जेक्ट्स की तरह ही देखें। यकीन मानिए इस सब्जेक्ट से दोस्ती करने से ये आपको मजेदार लगने के साथ ही स्कोरिंग भी लगने लगेगा। एक बार आपसे मैथ्स के सवाल हल होने लगे तो आपको ये विषय बेहद ही सरल भी लगने लगता है और आप इस सब्जेक्ट के लिए पहले की अपेक्षा अधिक समय देने लगते हैं।  

 

सिलेबस को समझें

आपको मैथ्स की तैयारी करने से पहले अपने सिलेबस पर नज़र अवश्य डालनी चाहिए। हर क्लास के लिए सिलेबस अलग अलग होता है। छात्रों को अपनी क्लास के सिलेबस के आधार पर ही अपनी योजना तैयार करनी चाहिए। सिलेबस के आधार पर छात्रों को ये समझना चाहिए कि उन्हें किस अध्याय को पहले हल करने की प्रैक्टिस करनी होगी।

 

प्रॉब्लम को अच्छे से समझने का प्रयास करें

छात्रों को किसी भी अध्याय के प्रश्नों को हल करने से पहले उसमें पूछे जानें वाली मूल बात को ध्यान से समझना चाहिए। उसके बाद ही उसे हल करने का प्रयास करना चाहिए। यदि आप प्रश्न को बिना समझे हल करने लगेंगे तो इससे आपका उत्तर सही नहीं आएगा और साथ ही आपका समय भी बर्बाद होगा।

 

प्रॉब्लम्स को खुद के साथ जोड़कर देखें

किसी सवाल को हल करते समय आप उसको खुद के साथ जोड़कर देखें। जैसे किसी प्रश्न में राम व श्याम का जिक्र है तो उसमें से किसी एक को खुद मानकर सवाल को समझने व हल करने का प्रयास करें। इस तरह से आपकी तर्कशक्ति व सवाल को समझने की शक्ति में भी बढ़ोतरी होती है और उत्तर भी तेजी से निकल आता है।  

 

अधिक अंकों वाले प्रश्नों की तैयारी पहले करें

मैथ्स में कुछ अध्याय जैसे त्रिकोणमिति, ज्यामिति व बीजगणित आदि से परीक्षा में सामान्यतः अधिक अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। ऐसे में आपको अपने शिक्षक व सीनियर से सुझाव लेकर उन अध्यायों को चिंहित करना चाहिए, जिनसे परीक्षा में अधिक अंक वाले प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके बाद आपको सबसे पहले इन्हीं अध्यायों की प्रैक्टिस करनी चाहिए।

 

निरंतर अभ्यास का महत्व

निरंतर अभ्यास से किसी भी चीज को पाया जा सकता है। ठीक ऐसे ही यदि आप मैथ्स की रेगूलर प्रैक्टिस करते हैं तो आप जल्द ही इस सब्जेक्ट में महारत हासिल कर लेगें। लेकिन इसके लिए आपको सही मार्गदर्शन व योजना की जरूरत होगी। यदि आपको किसी सवाल को हल करने में ज्यादा समय लग रहा हो या उसका उत्तर गलत आ रहा हो तो ये देखें कि आपने सवाल के किस पड़ाव में गलती की है और अगली बार प्रैक्टिस करते समय उस गलती को न दोहराने का प्रयास करें।

 

कैलकुलेशन को मजबूत बनाने पर दें ध्यान

कई बार कैलकुलेशन ठीक न होने के कारण भी आपका उत्तर गलत आता है। कैलकुलेशन को सही बनाने के लिए छोटी छोटी कैलकुलेशन की प्रैक्टिस करें। इसके अलावा टेबल व वर्गमूल को याद कर लें। इससे किसी सवाल को हल करते हुए कैलकुलेशन का समय बेहद कम हो जाता है।

 

मैथ्स की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोर्सेज से ले मदद

मैथ्स की प्रैक्टिस करने के लिए छात्र ब्राइट ट्यूटी के कोर्स की मदद ले सकते हैं। ब्राइट ट्यूटी देश का लोकप्रिय स्टडी प्लेटफॉर्म है, इसमें सीबीएसई व 20 से अधिक अन्य बोर्ड के सिलेबस पर ऑनलाइन कोर्सेज तैयार किये गये हैं। इस प्लेटफॉर्म के सभी कोर्सेज कक्षा 6 से 10वीं तक के छात्रों के लिए बनाए गए हैं। विभिन्न बोर्ड के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार ये कोर्सेज तैयार किये गए हैं। इसके सभी कोर्स अनुभवी शिक्षकों ने बेहद ही रोचक व आसान विधि से बनाए हैं।

ब्राइट ट्यूटी के मैथ्स कोर्स को करने के बाद आप अपनी तैयारी को एक अलग स्तर पर ले जाते हैं। इससे कॉन्सेप्ट को समझना व असाइनमेंट्स को हल करने से आप धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ते हैं। ब्राइट ट्यूटी के कोर्स में मैथ्स के मुश्किल सवालों को हल करने के लिए कई विधियां व तरीके बताए गये हैं। इसके साथ ही कोर्स में छात्रों को विशेष परीक्षा किट भी प्रदान की जाती है। इस किट में सैंपल पेपर्स, मॉडल टेस्ट पेपर्स व पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को शामिल किया गया है। इन किट के अभ्यास से छात्र परीक्षा के लिए तैयार होते हैं व अपनी मैथ्स की परीक्षा में अधिक अंक अर्जित कर पाते हैं।