CoronaVirus: कुछ दिन के लिए ऑनलाईन फ्री में पढ़ सकेंगे 18 बोर्डों के छात्र

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कोरोना वायरस के तेज़ी से फैलने के कारण देश के सभी विद्यालयों एवं ट्यूशन संस्थाओं को बंद कर दिया गया है। दिल्ली, केरल, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र जैसे अनेक राज्यों को अपने विद्यालय, महाविद्यालय और अन्य शिक्षण संस्थाओं को बंद करने का आदेश दे दिया गया है। इसके कारण छात्रों विशेषकर परीक्षार्थियों में बेचैनी व्याप्त है। ऐसी स्थिति में कुछ स्टार्टअप्स ने सी.बी.एस.ई. और आई. बी. बोर्ड के विद्यार्थियों की सहायता के लिए पहल की है। लेकिन विभिन्न राज्यों के बोर्ड के छात्रों के लिए ऐसी किसी सहायता के लिए कोई आगे नहीं आया है। ऐसे में ब्राइट ट्यूट नाम की एक एप्प का दावा है कि वो 18 राज्य शिक्षा बोर्डों (स्टेट बोर्ड) का 1800 घंटे का वीडियो लेक्चर्स और टेस्ट ऑनलाइन निशुल्क उपलब्ध करा रही है। कंपनी के अनुसार जबतक स्थिती सामान्य नहीं हो जाती तभी तक सुविधा निशुल्क रहेगी।

कंपनी के अनुसार उनका मकसद है कि शिक्षा केवल कुछ शिक्षा बोर्ड के विद्यार्थियों तक ही सीमित न रहे बल्कि सभी के लिए उचित मूल्यों पर उपलब्ध हो। जाहिर है कंपनी कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते फ्री में सामग्री उपलब्ध करा रही है। लेकिन उसके पीछे उसका खुद का प्रचार भी होगा और कंपनी वायरस के प्रकोप थमने के बाद कोर्स को फ्री उपलब्ध कराने का कोई दावा नहीं करती है।

ब्राइट ट्यूटी नाम की इस एप्प के संस्थापक अनंत गोयल का कहना हे कि, “कोरोना वायरस से हमें सावधानी बरतने की जरूरत है। इस विषम परिस्थिति में हम लाखों विद्यार्थियों को ब्राइट ट्यूटी के माध्यम से गुणात्मक शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा मानना है कि शिक्षा किसी विशिष्ट वर्ग के लिए न होकर बिना किसी भेदभाव के सभी के अस्तित्व के लिए मौलिक अधिकार हो”।

दुर्भाग्य से आज पूरे विश्व में कोरोना वायरस महामारी का रूप ले चुका है। हम नहीं चाहते कि देश का सुविधाविहीन विद्यार्थी ज्ञान से वंचित न रह जाए। अन्त में हम सभी विद्यार्थियों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि स्थिति के सामान्य होने तक ब्राइट ट्यूटी का यह कार्यक्रम पूर्णतः निशुल्क है।

कंपनी के अनुसार उनकी वेबसाइट और एंड्रॉयड एप-दोनों पर कक्षा 9 और 10 के अध्ययन सामग्री के लिए सामान्य स्थितियों (माहामारी रहित) में केवल 10 रुपए की राशि से शुरू होता है। विद्यार्थी 1 दिन, 1 सप्ताह, 1 माह या इससे अधिक समय के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकता है।

दस्तक इंडिया राय-

विभिन्न राज्य बोर्डों में अधिक संख्या में निम्न वर्ग और मध्यवर्ग के ही छात्र पढ़ते हैं। इनमें से बहुत से अपनी फीस दे पाने में भी नाकाम होते हैं। ऐसे में अगर उन्हें दिन के 10 रुपए भी एप्प के माध्यम से पढ़ने के लिए देने होंगे तो ये उनकी जेब के हिसाब से काफी भारी होगा। वो इस खर्च को वहन नहीं कर पाएंगे। ऐसे में राज्य सरकारों को ही उनकी सुविधा के लिए खुद ऐसी ऑनलाईन शिक्षा प्रणाली शुरु करे तो बेहतर रहेगा।

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